केशिकत्व

केशिकत्व ( Capillarity in Hindi) की परिभाषा ,उदाहरण

आज हम सामान्य विज्ञान में केशिकत्व ( Capillarity in Hindi) तथा उदाहरण के बारे में जानेंगे, जो आपके आने वाले एग्जाम SSC, RRB, Patwari, आदि में प्रश्न पूछा जाता है ।

केशिकत्व की परिभाषा

केशनली (Capillary Tube) में द्रव के ऊपर चढ़ने या नीचे उतरने की घटना को केशिकत्व कहते हैं ।

➡ केशनली एक बहुत ही कम एवं एक समान त्रिज्या वाले एक खोखली नली होती है । केशनली में कोई भी द्रव किस सीमा तक चढ़ेगा, यह केशनली की त्रिज्या पर निर्भर करता है । सामान्यत: जो द्रव कांच को भिगोता है वह केशनली में ऊपर चढ़ जाता है और जो द्रव काँच को नहीं भिगोता वह नीचे उतर जाता है ।

➡ जब केशनली को पानी में डूबाया जाता है, तो पानी ऊपर चढ़ जाता है और जब केशनली को पारे में डुबाया जाता है तो पारा केशनली में बर्तन में रखें पारे की सतह से नीचे ही रहता है ।

➡ यदि केशनली की त्रिज्या r, द्रव का पृष्ठ तनाव T व द्रव घनत्व d हो, तो नली में चढे (या उतरे) द्रव की ऊँचाई ( या गहराई)

h = 2Tcosθ/rdg
जहाँ θ = द्रव स्पर्श कोण

इस सूत्र से स्पष्ट है कि नली जितनी पतली(r कम) होगी द्रव उतनी ही अधिक ऊंचाई तक चढेगा । शुद्ध जल के लिए θ का मान लगभग शून्य होता है और पारा के लिए इसका मान 135° होता है ।

cos 0° = 1, cos 135°=-0.71

अत: पारे के लिए h का मान ऋणात्मक होता है , जो यह बताता है कि पारा केशनली में नीचे गिर जाता है ।

केशिकत्व का उदाहरण :-

(१) ब्लोटिंग पेपर स्याही को शीघ्र सोख लेता है, क्योंकि इसमें बने छोटे-छोटे छिद्र केशनली की तरह कार्य करती है ।

(२) लालटेन या लैम्प की बत्ती में केशिकत्व के कारण ही तेल ऊपर चढ़ता है ।

(३) पेड़ पौधों की शाखाओं, तनों एवं पत्तियों तक जल और आवश्यक लवण केशिकत्व की क्रिया के द्वारा ही पहुंचते हैं ।

(४) कृत्रिम उपग्रह के अंदर (भारहीनता की अवस्था ) :- यदि किसी केशनली को जल में खड़ा किया जाए तो नली में चढ़ने वाले जल स्तंभ का प्रभावी भार शून्य होने के कारण जल नली के दूसरे सिरे तक पहुंच जाएगा ,चाहे केशनली कितनी भी लंबी क्यों ना हो ।

(५) वर्षा के बाद किसान अपने खेतों की जुताई कर देते हैं, ताकि मिट्टी में बनी केशनलियाँ टूट जाए और पानी ऊपर न आ सके व मिट्टी में नमी बनी रहे

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